CHEMISTRY (रसायन विज्ञान)

Basic Concepts Of Chemistry


विज्ञान उस विशिष्ट ज्ञान को कहा जाता है जिससे किसी विषय का क्रमबद्ध संगठित और सामान्य भूत होता है।


 रसायन विज्ञान का उपयोग-


  1. किसी क्षेत्र में रसायन विज्ञान का उपयोग किया जाता है।
  2. खाद्य पदार्थों में रसायन का उपयोग किया जाता है।
  3. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में रसायन विज्ञान का प्रयोग किया जाता है।
  4. औद्योगिक क्षेत्र में रसायन विज्ञान का प्रयोग किया जाता है भवन निर्माण सामग्री में व वस्त्र उद्योग में वह प्लास्टिक तथा कांच उद्योग में सौंदर्य प्रसाधन में।
  5. जीव विज्ञान के क्षेत्र में रसायन विज्ञान का उपयोग किया जाता है।
रसायन विज्ञान के अन्य-
     ईंधन के रूप में- पेट्रोल पावर एल्कोहल इंधन गैसे डीजल आदि विभिन्न प्रकार की वाहनों के चलाने में ईंधन की रूप में प्रयोग किए जाते हैं यह सभी प्रकार के रसायन है।
  
धातु तथा मिश्र धातु- धातु है जैसे सोना लोहा तांबा एलुमिनियम आदि मानव के जीवन में विशेष स्थान रखती है साथ ही कई मिश्र धातु जैसे स्टील पीतल कांसा जर्मन सिल्वर आदि जो की नित्य प्रति के कार्यों में प्रयुक्त होती है सभी रसायन विज्ञान की देन है।

कुछ विशिष्ट पदार्थों का संश्लेषण - कुछ विशिष्ट प्रकार के पदार्थ जैसे अतिचालक सुचालक बहुलक प्रकाशीय फाइबर विद्युतीय पदार्थ चुंबकीय पदार्थ आदि रसायनों की सहायता से ही प्राप्त किए जाते हैं।

युद्ध के क्षेत्र में - ईद में प्रयोग होने वाले विस्फोटक जैसे पीएनटी नाइट्रोग्लिसरीन डायनामाइट हाइड्रोजन बम परमाणु बम विषैली गैसें जैसे फौजी इत्यादि रसायन विज्ञान के अनुप्रयोगों द्वारा ही बनी है।

रसायन विज्ञान का वर्गीकरण (classification of chemistry)


रसायन विज्ञान की अध्ययन को सरल बनाने के लिए इसी विभिन्न शाखाओं में बांटा गया है यह शाखाएं निम्न प्रकार हैं -

1- अकार्बनिक रसायन (inorganic chemistry)-
       इसके अंतर्गत कार्बनिक यौगिकों को छोड़कर अन्य सभी तत्व एवं उनके यौगिकों का अध्ययन किया जाता है।

2- कार्बनिक रसायन (organic chemistry)-
       इसके अंतर्गत कार्बन के सभी यौगिकों का अध्ययन किया जाता है।

3- भौतिक रसायन (physical chemistry)- 
      इसके अंतर्गत रासायनिक अभिक्रिया ओं के भौतिक नियमों तथा सिद्धांतों का अध्ययन किया जाता है ।

4-विश्लेषक रसायन
(Analytical chemistry)- 
         इसके अंतर्गत पदार्थों की पहचान तथा उनकी मात्रा निर्धारित करने की विधियों का अध्ययन किया जाता है ।

5- औद्योगिक रसायन ( Industrial chemistry)-
        इसके अंतर्गत पदार्थों का औद्योगिक स्तर पर निर्माण करने से संबंधित नियमों अभिक्रिया विधियों आदि का अध्ययन किया जाता है

6- जैव रसायन (bio chemistry) -
     इसके अंतर्गत जीव धारियों में होने वाली रासायनिक अभिक्रिया तथा जंतुओं एवं वनस्पतियों से प्राप्त पदार्थों का अध्ययन किया जाता है

7- कृषि रसायन (agriculture chemistry)- इसके अंतर्गत कृषि से संबंधित उपयोगी रसायना का अध्ययन किया जाता है

8- नाभिकीय रसायन (natural chemistry) - इसके अंतर्गत परमाणु नाभिक से परमाणु ऊर्जा प्राप्त करने में उपर्युक्त विभिन्न रासायनिक परिवर्तनों जैसे नाभिकीय विखंडन नाभिकीय संलयन आदि का अध्ययन किया जाता है।

द्रव्य की प्रकृति (nature of matter)- कोई भी वस्तु जिसमें द्रव्यमान होता है और जो स्थान गिरती है द्रव्य कहलाती है

ठोस - 

  1. इसका आकार निश्चित होता है
  2. इसका आयतन निश्चित होता है
  3. अणुओं के बीच रिक्त स्थान बहुत कम होता है
  4. इसका घनत्व अधिक होता है
  5. यह बहता नहीं है 
  6. यह गर्म करने पर फैलता है
  7. इसका तरल समतल होना आवश्यक नहीं है
  8. इसे बहुत ही कम दबाया जा सकता है
  9. इसका निश्चित गलनांक होता 
  10. बर्फ मोम गंधक लोहा तथा अन्य धातुएं (पारा को छोड़कर )लकड़ी कागज पत्थर आदि
द्रव - 
  1. इसका आकार अनिश्चित होता है इसको जिस बर्तन में रखा जाता है उसी का आकार ग्रहण कर लेता है
  2. इसका भी आयतन निश्चित होता है
  3. फोर्स की अपेक्षा इसके अलावा के बीच रिक्त स्थान कुछ अधिक होता है
  4. इसका घनत्व ठोस से कम होता है
  5. यह बहता है
  6. यह गर्म करने पर अधिक ताप पर बढ़ता है
  7. स्थित द्रव का तल सदैव समतल होता है 
  8. इसे ठोस से अधिक दबाया जा सकता है
  9. इसका निश्चित क्वथनांक होता है
  10. जय दूध तो शहद पारा आदि 
गैस- 
  1.   गैसों का आकार अनिश्चित होता है जिस पात्र में गैस रखी जाती है उसी का आकार ग्रहण कर लेती है 
  2. इसका आयतन निश्चित नहीं होता है जिसे जिस बर्तन में रखा जाता है उसी का आयतन ग्रहण कर लेती है
  3. गैसों में अणुओं के बीच अधिकांश रिक्ति स्थान होता है
  4. इसका घनत्व बहुत कम होता है
  5. गैस भी बहती है
  6. यह गर्म करने पर बहुत तेजी से फैलती है
  7. इसका कोई भी तल नहीं होता है
  8. गैस को बहुत अधिक दबाया जा सकता है
  9. इसका निश्चित क्रांतिक ताप होता है
  10. वायु ऑक्सीजन हाइड्रोजन नाइट्रोजन एवं अन्य गैसे ।
                     द्रव्य का वर्गीकरण
    द्रव्य को मिश्रण तथा शुद्ध पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

मिश्रण ( mixture)- दो या दो से अधिक तत्व या यौगिकओं को किसी भी अनुपात में मिलाने पर जो अशुद्ध और विषमांगी द्रव्य प्राप्त होती है वह मिश्रण अशुद्ध पदार्थ कहलाता है
  मिश्रण निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं

समांगी मिश्रण ( Homogeneous micture)- 
      जब मिश्रण के प्रत्येक भाग के सभी गुण एक समान होते हैं या जब मिश्रण का संघटन एक समान होता है तथा मिश्रण में उपस्थित विभिन्न अवयवों की सीमाओं को पृथक रूप से नहीं देखा जा सकता है तो इस इस प्रकार के मिश्रण को समांगी मिश्रण कहते है 
उदाहरण - नमक व जल का मिश्रण ए
ल्कोहल तथा जल का मिश्रण वायु जिसमें ऑक्सीजन नाइट्रोजन कार्बन डाइऑक्साइड जलवाष्प तथा आर्गन इत्यादि उपस्थित होती है सभी विषमांगी मिश्रण के उदाहरण हैं 

विषमांगी मिश्रण ( Heterogeneous mixture )-
     इस प्रकार के मिश्रण के प्रत्येक भाग के घटक एक समान नहीं होते हैं अर्थात घटकों का संगठन संपूर्ण मिश्रण में एक समान नहीं होता है कभी-कभी तो विभिन्न घटकों को अलग-अलग देखा जा सकता है इस प्रकार के मिश्रण को विषमांगी मिश्रण कहते हैं
उदाहरण- चीनी नमक दाल व कंकड़ के दानों का मिश्रण रेत तथा जल का मिश्रण सल्फर व कार्बन का मिश्रण धुआं आदि विषमांगी मिश्रण के उदाहरण हैं

शुद्ध पदार्थ (pure substances )- 
   जिन पदार्थों का संगठन हमेशा निश्चित रहता है उन्हें शुद्ध पदार्थ कहते हैं इन्हें दो भागों में विभक्त किया गया है

तत्व (Elements)-
   एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने हुए शुद्ध पदार्थों को तत्व कहते हैं यह सरल पदार्थों में व्यक्त नहीं किए जा सकते हैं उदाहरण H,He,O,S,Na,Cu,Hg आदि 
विभिन्न तत्वों के परमाणु एक दूसरे से विभिन्न होते हैं तत्व एक से ज्यादा परमाणुओं के भी बने हो सकते हैं जैसे-O2,S8,N2 आदि। अब तक 115 तत्व के संबंध में खोज हो चुकी है जिसमें से 92 तत्व प्राकृतिक तथा शेष मानव निर्मित तत्व है तत्व को 3 वर्गों में बांटा गया है 

1- धातु (metal)- वे तत्त्व जिनमें चमक हो ठोस व कठोर हो तथा जिनके क्वथनांक उच्च हो धातु कहलाते हैं धातु आघातवर्धनीय व तन्य होती है 

2- अधातु ( non metal)- वे तत्व जो कि विद्युत और ऊष्मा की कुचालक हो जिन्हें चादर व तार के रूप में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है धातु कहलाते हैं
उदाहरण-गंधक फास्फोरस आदि

3- उपधातु ( metal loids )- ऐसे तत्व जिनमें धातु व अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं उन्हें उपधातु कहते हैं
उदाहरण- 

योगिक ( Compound)- भिन्न प्रकार के परमाणुओं के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बने हुए शुद्ध पदार्थ को योगीक कहते हैं योगीक को दो या दो से अधिक भिन्न प्रकार के परमाणुओं में आपघटित किया जा सकता है इन्हें रासायनिक या भौतिक रासायनिक प्रक्रिया द्वारा घटक तत्व में विघटित किया जाता है
उदाहरण- जल मिथेन चीनी नमक कार्बन डाइऑक्साइड आदि योगीक के उदाहरण है

तत्व- 
  1. तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बना होता है
  2. तत्वों को भौतिक व रासायनिक विधियों द्वारा दो या दो से अधिक विभिन्न गुण-धर्मों वाले नए सरल पदार्थों में विघटित नहीं किया जा सकता है
  3. अब तक ज्ञान तत्वों की संख्या लगभग 112 है
  4. तत्व के गुणधर्म उसके सूक्ष्मतम परमाणु के कारण होते हैं
  5. कुछ तत्व परमाणुओं के रूप में जैसे (कॉपर सिल्वर गोल्ड सोडियम पोटेशियम आदि) और कुछ  अणुओं  रूप में है जैसे हाइड्रोजन नाइट्रोजन ऑक्सीजन आदि पाए जाते है 
योगिक- 
  1. योगीक  के अणु दो या दो से अधिक परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं
  2. योगीक को दो या दो से अधिक विभिन्न गुण-धर्मों वाले सरल द्रव्यों में विभाजित किया जा सकता है जैसे पोटेशियम क्लोराइड को पोटेशियम तथा क्लोरीन में विभाजित किया जा सकता है
  3. ज्ञान यौगिकों की संख्या अत्यधिक है
  4. योगी के गुणधर्म उसके सूक्ष्मतम कण के कारण होते हैं तथा यह ये अवयवी तत्वों के गुणों से सर्वथा विभिन्न होते हैं 
  5. योगिक अणुओं  के  रूप में पाए जाते हैं जैसे जल साधारण नमक नौसादर आदि ।

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